LPG Price Hike 2026: 1 मार्च 2026 से देश में एलपीजी (LPG – लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर की कीमतों में बदलाव लागू कर दिए गए हैं, जिससे कई उपभोक्ताओं को होली से पहले महंगाई का नया असर महसूस हुआ है। खासतौर पर 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हुई है, जबकि घरेलू उपयोग के 14.2 किलोग्राम सिलेंडर के रेट स्थिर रहे हैं। सरकारी तेल कंपनियों की नई कीमतों के अनुसार, विभिन्न महानगरों में सिलेंडर के दामों में 28 रुपये से लेकर 31 रुपये तक का इजाफा देखने को मिला है, जो उपभोक्ताओं के लिए एक अप्रत्याशित खर्च का कारण बन रहा है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा
कमर्शियल गैस सिलेंडर, जिसका उपयोग ढाबों, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होता है, इस मार्च भी महंगा हुआ है। दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर अब 1,768.50 रुपये में मिलेगा, जो इससे पहले 1,740.50 रुपये था। कोलकाता में यह सिलेंडर अब 1,875.50 रुपये में मिलेगा, जो पिछले मूल्य से 31 रुपये अधिक है। मुंबई में यह 1,720.50 रुपये और चेन्नई में 1,929 रुपये में बिक रहा है। इस प्रकार भारत के प्रमुख शहरों में सिलेंडर की कीमतों में तीनों महानगरों में समान रूप से वृद्धि हुई है।
यह लगातार तीसरा महीना है जब कमर्शियल सिलेंडर के दामों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। जनवरी और फरवरी में भी क्रमशः 111 रुपये और 49 रुपये की बढ़ोतरी पहले ही हो चुकी थी, और अब मार्च में अतिरिक्त 28-31 रुपये की बढ़त देखने को मिली है। इस तरह पिछले तीन महीनों में कमर्शियल सिलेंडर लगभग 188 रुपये तक महंगा हो चुका है।
घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं
वहीं घरेलू उपयोग के 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह दाम 8 अप्रैल 2025 के बाद से स्थिर ही रहे हैं। दिल्ली में यह सिलेंडर 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये, और चेन्नई में 868.50 रुपये में मिल रहा है। अन्य शहरों जैसे लखनऊ, पटना, बागेश्वर आदि में भी घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर हैं। इसका मतलब यह है कि घरों की रसोई पर इस महंगाई का अभी प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ा है, लेकिन व्यावसायिक खर्चों में वृद्धि होने से बाजार में इसकी अस्थायी लहर दिख सकती है।
मार्च महीना: पिछले सालों के रेट ट्रेंड
पिछले कई वर्षों का रेट ट्रेंड देखें तो मार्च का महीना एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए महंगाई का संकेत लेकर आता रहा है। खासकर कॉमर्शियल सिलेंडरों में हर साल मार्च में रेट बढ़े हैं। पिछले पांच सालों के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में घरेलू और कॉमर्शियल दोनों सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी। 2022 में मार्च में दो बार रेट अपडेट हुए और सिलेंडरों के दाम काफी ज्यादा महंगे हो गए थे। वहीं 2023 में घरेलू सिलेंडर 50 रुपये महंगा हुआ और कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम भी 105 रुपये तक बढ़ गए थे। 2024 में घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रहे लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडर फिर महंगे हुए। 2025 में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
यह ट्रेंड बताता है कि मार्च महीने में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अक्सर बढ़ती रही हैं, और इस साल भी वही परंपरा जारी रही। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को माना जाता है, जिस पर तेल विपणन कंपनियां अपनी कीमतों की समीक्षा करती हैं।
महंगाई का प्रभाव: कारोबार और आम जीवन
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से सबसे अधिक प्रभावित होंगे छोटे कारोबार, ढाबे, होटल और भोजन संबंधी सेवाओं से जुड़े लोग। चूंकि ये प्रतिष्ठान 19 किलो वाले सिलेंडर का उपयोग करते हैं, इसलिए इनकी लागत बढ़ने से खाने-पीने की सामग्रियों के भाव में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि व्यवसायी बढ़ी हुई लागत को अपने ग्राहकों पर स्थानांतरित कर सकते हैं।
इसके विपरीत घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है क्योंकि घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इससे घरों के खाने-पीने और रसोई के खर्चों पर फिलहाल सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि अगर कमर्शियल सिलेंडर की महंगाई की वजह से बाजार में खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ते हैं, तो घरों की खर्चीली स्थिति पर अप्रत्यक्ष प्रभाव देखा जा सकता है।
होली के मौके पर आर्थिक दबाव
होली जैसे बड़े त्योहार से पहले गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी एक आर्थिक झटका जैसा है। त्योहारों के समय खर्च सामान्यत: बढ़ जाता है, और उस समय अगर रोजमर्रा की वस्तुओं या सेवाओं में लागत बढ़ जाए तो आम परिवारों और छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ सकता है। सरकार और तेल कंपनियों की नीति यह रही है कि घरेलू सिलेंडर के दाम को स्थिर रखने की कोशिश की जाए ताकि घरों की रोजमर्रा की आवश्यकताओं पर अत्यधिक प्रभाव न पड़े।
समग्र तौर पर, 1 मार्च से लागू नई LPG रेट्स ने इस साल भी उपभोक्ताओं को महंगाई का एहसास कराया है, खासकर उन व्यापारियों और सेवाकार्यों से जुड़े लोगों को जो कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर हैं। भविष्य में अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो बाजार में व्यापक प्रभाव और उपभोक्ता वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी की संभावना भी बनी रह सकती है।











