IMD Weather Forecast: देशभर में सर्दी के अंतिम दौर के साथ ही मौसम एक बार फिर अप्रत्याशित रूप से बदलता दिखाई दे रहा है। Indian Meteorological Department (आईएमडी) ने ताज़ा पूर्वानुमान जारी करते हुए 23 फरवरी 2026 तक कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और हवाओं को लेकर अलर्ट घोषित किया है। मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव अचानक तापमान में गिरावट ला सकता है, जिससे एक ओर लोगों को बढ़ती गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर खराब मौसम के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।
फिलहाल मौसम का यह प्रभाव दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी और पहाड़ी क्षेत्रों तक देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और समुद्री नमी के संयुक्त असर से यह परिस्थिति बनी है।
किन राज्यों में ज्यादा असर?
मौसम विभाग ने जिन राज्यों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, उनमें Tamil Nadu, Kerala, Uttarakhand, Himachal Pradesh, Jharkhand और West Bengal शामिल हैं। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी आशंका है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना
दक्षिणी राज्यों में मौसम का मिजाज ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। विशेष रूप से तमिलनाडु और केरल में 21 और 22 फरवरी के दौरान कई जिलों में तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है। तटीय इलाकों में समुद्री हवाओं के कारण मौसम और अधिक उग्र हो सकता है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि ऊंची लहरें और तेज हवा खतरनाक साबित हो सकती हैं।
बारिश के कारण इन राज्यों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट संभव है। दिन में हल्की ठंडक और रात में नमी के कारण मौसम सुहावना तो रहेगा, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी
उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में भी मौसम करवट ले रहा है। हिमाचल प्रदेश में 23 फरवरी के आसपास वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि उत्तराखंड में 22 से 24 फरवरी के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है।
बारिश और बर्फबारी से पहाड़ी मार्गों पर फिसलन बढ़ सकती है। यात्रियों को सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। तापमान में गिरावट से ठंड दोबारा लौट सकती है, जिससे स्थानीय लोगों को सर्द मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
पूर्वी भारत में भी बदलेगा मौसम
पूर्वी राज्यों में 23 और 24 फरवरी के दौरान मौसम सक्रिय रहेगा। पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 फरवरी को भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अलावा Odisha में भी 23 और 24 फरवरी को बारिश हो सकती है।
इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज बारिश और हवा फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बढ़ेगी गर्मी
जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में बारिश और ठंडी हवाएं असर दिखाएंगी, वहीं दूसरी ओर उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी धीरे-धीरे दस्तक दे रही है। Uttar Pradesh, Bihar और Delhi जैसे इलाकों में ठंड लगभग समाप्त हो चुकी है।
राजधानी दिल्ली में दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसी तरह उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow और बिहार की राजधानी Patna में भी मौसम शुष्क बना रहेगा। अगले कुछ दिनों में यहां तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा सकती है। सुबह और शाम की हल्की ठंड अब लगभग खत्म हो चुकी है और दोपहर में गर्मी का अहसास बढ़ने लगा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में फिलहाल बारिश की कोई बड़ी संभावना नहीं है। साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव का असर
मौसम में अचानक हो रहे बदलाव का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ सकता है। जिन राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है, वहां बिजली आपूर्ति, यातायात और दैनिक गतिविधियों में बाधा आ सकती है। वहीं जहां तापमान बढ़ रहा है, वहां गर्मी से जुड़ी परेशानियां शुरू हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि बदलते मौसम में लोगों को अपनी दिनचर्या में संतुलन बनाए रखना चाहिए। बारिश वाले इलाकों में छाता या रेनकोट साथ रखें, जबकि गर्मी बढ़ने वाले क्षेत्रों में हल्के और सूती कपड़े पहनना बेहतर रहेगा।
किसानों और यात्रियों के लिए सलाह
बारिश और आंधी की चेतावनी को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। कटाई के लिए तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करें। पशुपालकों को भी खुले स्थानों पर पशुओं को बांधने से बचना चाहिए।
यात्रियों को पहाड़ी और तटीय इलाकों की यात्रा से पहले मौसम की ताज़ा जानकारी अवश्य लेनी चाहिए। तेज हवाओं और वर्षा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना समझदारी होगी।
आने वाले दिनों में क्या संकेत?
मौसम विभाग के अनुसार 24 फरवरी के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या बादल छाए रहने की स्थिति बनी रह सकती है। देश के अधिकांश हिस्सों में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगेगा।
समग्र रूप से देखा जाए तो देश में मौसम एक बार फिर अस्थिर दौर से गुजर रहा है। कुछ राज्यों में राहत देने वाली बारिश तो कहीं बढ़ती गर्मी का संकेत—दोनों ही स्थितियां लोगों को सतर्क रहने का संदेश देती हैं। बदलते मौसम के बीच आवश्यक सावधानियां अपनाकर ही सुरक्षित रहा जा सकता है।











