Holi 2026 Holiday: होली के पावन अवसर पर इस वर्ष लोगों को लंबी छुट्टियों का लाभ मिलने जा रहा है। राज्य स्तर पर जारी आदेशों के बाद अवकाश की अवधि बढ़ा दी गई है, जिससे आम नागरिकों को त्योहार को पूरे उत्साह और परिवार के साथ मनाने का अवसर मिलेगा। लगातार कई दिनों तक सरकारी दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और बैंक बंद रहने से लोगों को कामकाज की भागदौड़ से राहत मिलेगी और वे सुकून के साथ होली की तैयारियों में जुट सकेंगे।
इस बार अवकाश का सिलसिला फरवरी के अंतिम सप्ताह से ही शुरू हो गया है। चौथे शनिवार से आरंभ होकर रविवार, होलिका दहन और धुलंडी तक छुट्टियां लगातार जारी रहेंगी। इसके अतिरिक्त अदालतों में भी विशेष अवकाश घोषित किया गया है, जिससे कुल मिलाकर चार से पांच दिनों तक कामकाज प्रभावित रहेगा।
28 फरवरी से शुरू हुआ अवकाश
छुट्टियों की शुरुआत 28 फरवरी, शनिवार से हो चुकी है। यह महीने का चौथा शनिवार था, जिसके चलते बैंक, कई सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। इस दिन से ही बाजारों में होली को लेकर खासा उत्साह दिखाई देने लगा। लोग रंग, गुलाल, पिचकारियां, मिठाइयां और नए कपड़े खरीदने के लिए बाजारों में उमड़ पड़े।
दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी गई और व्यापारियों के चेहरे भी खिल उठे। त्योहार के मद्देनजर मिठाई की दुकानों पर विशेष पकवान तैयार किए जा रहे हैं। गुझिया, नमकीन और अन्य पारंपरिक व्यंजनों की मांग बढ़ गई है।
1 मार्च: साप्ताहिक अवकाश का लाभ
28 फरवरी की छुट्टी के बाद 1 मार्च को रविवार पड़ने से लगातार दूसरा अवकाश मिला। रविवार के कारण अधिकांश सरकारी और निजी संस्थान बंद रहे। इस तरह लोगों को लगातार दो दिन का समय मिल गया, जिसका उपयोग उन्होंने होली की खरीदारी और घर की तैयारियों में किया।
परिवारों ने इस दिन घर की साफ-सफाई, सजावट और आवश्यक सामान जुटाने का काम किया। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर खास उत्साह देखा गया। बाजारों में भी भीड़ बनी रही और रंगों की खरीदारी चरम पर रही।
2 मार्च: होलिका दहन पर आधिकारिक अवकाश
राज्य सरकार ने 2 मार्च, सोमवार को होलिका दहन के अवसर पर आधिकारिक अवकाश घोषित किया है। इस दिन सभी सरकारी कार्यालय, बैंक, स्कूल और कॉलेज पूर्णतः बंद रहेंगे। होलिका दहन भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
शाम के समय लोग मोहल्लों और गांवों में एकत्रित होकर विधि-विधान से होलिका दहन करेंगे। पूजा-अर्चना, परिक्रमा और पारंपरिक गीतों के साथ यह उत्सव मनाया जाएगा। महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में इस आयोजन में भाग लेते हैं।
3 मार्च: धुलंडी की सार्वजनिक छुट्टी
3 मार्च, मंगलवार को रंगों की होली यानी धुलंडी मनाई जाएगी। इस दिन भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। सभी शैक्षणिक संस्थान, बैंक और अधिकांश सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। लोग सुबह से ही रंग-गुलाल के साथ होली खेलना शुरू कर देंगे।
धुलंडी का दिन आपसी प्रेम और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। लोग एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं देते हैं, मिठाइयां बांटते हैं और रंगों से सराबोर होकर खुशियां साझा करते हैं। कई स्थानों पर सामूहिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों का भी आयोजन किया जाता है।
4 मार्च: अदालतों में विशेष अवकाश
होली के अवसर पर न्यायालयों में भी विशेष अवकाश की घोषणा की गई है। 4 मार्च को हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों में कामकाज नहीं होगा। प्रशासन की ओर से जारी आदेशों के अनुसार इस दिन न्यायिक कार्य स्थगित रहेंगे।
हालांकि अन्य विभागों के लिए अलग से कोई अतिरिक्त आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन अदालतों में अवकाश रहने से संबंधित मामलों की सुनवाई आगे बढ़ाई जाएगी। इससे न्यायालयीन कार्यों पर अस्थायी प्रभाव पड़ेगा।
किस दिन क्या रहेगा बंद?
28 फरवरी को चौथे शनिवार के कारण बैंक और कई सरकारी कार्यालय बंद रहे।
1 मार्च को रविवार होने से साप्ताहिक अवकाश रहा।
2 मार्च को होलिका दहन के उपलक्ष्य में सभी सरकारी दफ्तर, बैंक और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे।
3 मार्च को धुलंडी के कारण सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
4 मार्च को विशेष रूप से अदालतों में अवकाश घोषित किया गया है।
इस प्रकार 28 फरवरी से 3 मार्च तक अधिकांश विभागों में कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा, जबकि 4 मार्च को मुख्य रूप से न्यायालयों में अवकाश रहेगा।
त्योहार की तैयारियों में जुटे लोग
लगातार मिल रही छुट्टियों ने लोगों को त्योहार की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दे दिया है। घरों में पकवान बनाने की तैयारी जोरों पर है। महिलाएं पारंपरिक व्यंजन बनाने में व्यस्त हैं, वहीं बच्चे रंग और पिचकारियों की खरीदारी को लेकर उत्साहित हैं।
बाजारों में सजावट की वस्तुएं, रंग-बिरंगे कपड़े और उपहारों की मांग बढ़ गई है। बाहर काम करने वाले लोग भी अपने घर लौटने की योजना बना रहे हैं, ताकि परिवार के साथ मिलकर होली मना सकें। लंबा अवकाश होने के कारण यात्रा करने वालों की संख्या भी बढ़ने की संभावना है।
बैंकिंग और सरकारी कार्यों पर प्रभाव
लगातार चार से पांच दिनों तक अवकाश रहने से बैंकिंग और सरकारी सेवाओं पर असर पड़ना स्वाभाविक है। जिन लोगों को जरूरी काम निपटाने हैं, उन्हें सलाह दी जा रही है कि वे पहले ही अपने कार्य पूरे कर लें। विशेष रूप से बैंकिंग लेन-देन, दस्तावेज़ी काम और सरकारी प्रक्रियाओं को समय रहते पूरा करना बेहतर रहेगा।
हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और एटीएम सुविधाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। फिर भी शाखाओं में सीधे जाकर किए जाने वाले कार्य अवकाश के दौरान संभव नहीं होंगे।
त्योहार के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
होली खुशियों और उल्लास का त्योहार है, लेकिन इसे सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ मनाना भी आवश्यक है। प्राकृतिक और त्वचा के लिए सुरक्षित रंगों का उपयोग करना चाहिए। साथ ही, पानी की बचत और पर्यावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है।
सरकार और प्रशासन की ओर से भी लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। त्योहार के दौरान यातायात नियमों का पालन और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
कुल मिलाकर इस वर्ष होली पर मिला लंबा अवकाश लोगों के लिए खुशी की सौगात लेकर आया है। लगातार छुट्टियों के कारण परिवारों को साथ समय बिताने, त्योहार की तैयारी करने और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्सव मनाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।











