LPG Cylinder Price Update 2026: देशभर के करोड़ों परिवारों के लिए रसोई गैस की कीमत हर महीने एक महत्वपूर्ण विषय बन जाती है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच यदि गैस सिलिंडर की दरों में स्थिरता बनी रहती है, तो यह आम जनता के लिए राहत की खबर मानी जाती है। 17 फरवरी 2026 को 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर के नए दाम घोषित कर दिए गए हैं। इस बार उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ा है, जिससे परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव नहीं बढ़ा है।
सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने मिलकर इस महीने भी कीमतों को यथावत रखने का निर्णय लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देना प्राथमिकता में रखा गया है। इसका सीधा लाभ मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को मिला है।
प्रमुख तेल कंपनियों ने जारी किए अपडेटेड रेट
देश में घरेलू एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति और मूल्य निर्धारण का काम मुख्य रूप से तीन सरकारी तेल कंपनियां करती हैं—Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited। ये कंपनियां हर महीने निर्धारित तिथि पर नई दरें जारी करती हैं और अपने आधिकारिक पोर्टल पर उन्हें अपडेट करती हैं।
फरवरी 2026 के लिए जारी की गई दरों में 14.2 किलो के घरेलू सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कंपनियों का कहना है कि आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े, इसके लिए सरकार के साथ समन्वय बनाकर कीमतों को संतुलित रखा जा रहा है।
महानगरों में घरेलू गैस सिलिंडर के दाम
देश के विभिन्न महानगरों में एलपीजी सिलिंडर की कीमतें स्थानीय करों और परिवहन लागत के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू सिलिंडर लगभग ₹853 में उपलब्ध है। वहीं मुंबई में इसकी कीमत करीब ₹852.50 है।
पूर्वी भारत के प्रमुख शहर कोलकाता में सिलिंडर की कीमत लगभग ₹879 तक पहुंच गई है, जो अन्य महानगरों की तुलना में थोड़ी अधिक है। दक्षिण भारत के बड़े शहर चेन्नई में यह करीब ₹868.50 में मिल रहा है।
उत्तर और पूर्व भारत के कुछ शहरों में दरें अपेक्षाकृत अधिक हैं। उदाहरण के तौर पर पटना में इसकी कीमत लगभग ₹942.50 के आसपास है, जबकि लखनऊ में सिलिंडर करीब ₹890 में उपलब्ध है। राज्यों के अनुसार वैट और अन्य करों के कारण इन कीमतों में अंतर देखा जाता है।
एलपीजी की कीमतें किन कारकों से प्रभावित होती हैं
घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतें कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करती हैं। सबसे प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की दरें हैं। यदि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संसाधनों की कीमतों में वृद्धि होती है, तो उसका असर भारत में भी देखने को मिलता है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर भी अहम भूमिका निभाती है। जब रुपया कमजोर होता है, तो आयात महंगा हो जाता है, जिससे तेल कंपनियों की लागत बढ़ती है। हालांकि सरकार समय-समय पर हस्तक्षेप करके घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास करती है। टैक्स में समायोजन, सब्सिडी और मूल्य नियंत्रण जैसे उपायों के जरिए कीमतों को संतुलित रखा जाता है।
फरवरी 2026 में भी इसी रणनीति के तहत घरेलू सिलिंडर की कीमतों को स्थिर रखा गया है, ताकि महंगाई के इस दौर में आम जनता को अतिरिक्त बोझ न उठाना पड़े।
उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी का लाभ
गरीब और जरूरतमंद परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गैस कनेक्शन के साथ-साथ सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है।
वर्तमान में योग्य लाभार्थियों को प्रति सिलिंडर ₹300 की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। उदाहरण के लिए यदि नई दिल्ली में सिलिंडर की कीमत ₹853 है, तो उज्ज्वला योजना के लाभार्थी के लिए इसकी प्रभावी लागत लगभग ₹553 रह जाती है। यह सहायता ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
सरकार का उद्देश्य है कि देश के हर घर तक स्वच्छ ईंधन पहुंचे और पारंपरिक चूल्हों से निकलने वाले धुएं से महिलाओं और बच्चों को होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में कमी आए।
घरेलू और कमर्शियल सिलिंडर में अंतर समझें
अक्सर खबरों में गैस सिलिंडर के महंगे होने की चर्चा होती है, जिससे आम लोग चिंतित हो जाते हैं। लेकिन यह समझना जरूरी है कि घरेलू और कमर्शियल सिलिंडर की कीमतें अलग-अलग होती हैं। 14.2 किलो का सिलिंडर घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित है, जबकि 19 किलो वाला सिलिंडर होटल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किया जाता है।
हर महीने की पहली तारीख को प्रायः कमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में बदलाव अधिक देखने को मिलता है। इसका असर बाहर मिलने वाले खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। घरेलू सिलिंडर की दरों को सरकार अपेक्षाकृत नियंत्रित रखती है, ताकि आम परिवारों पर सीधा असर कम हो।
अपने शहर का एलपीजी रेट कैसे जानें
डिजिटल युग में अपने क्षेत्र का गैस सिलिंडर रेट जानना बेहद आसान हो गया है। उपभोक्ता संबंधित तेल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “Check Price” या “Tariff” सेक्शन में राज्य और जिला चुनकर ताजा दर देख सकते हैं।
इसके अलावा मोबाइल ऐप जैसे IndianOil One और अन्य आधिकारिक गैस बुकिंग ऐप्स के माध्यम से भी उपभोक्ता कीमत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। गैस बुकिंग से पहले दर की पुष्टि कर लेना हमेशा समझदारी भरा कदम होता है।
सब्सिडी पाने के लिए जरूरी शर्तें
एलपीजी सब्सिडी प्राप्त करने के लिए कुछ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। उपभोक्ता का आधार कार्ड गैस कनेक्शन और बैंक खाते से लिंक होना चाहिए। साथ ही केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह अपडेट रहनी चाहिए। यदि दस्तावेजों में कोई कमी रह जाती है, तो सब्सिडी खाते में नहीं पहुंच पाती।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब सब्सिडी मुख्य रूप से पात्र और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को ही दी जा रही है। इसलिए समय-समय पर अपने दस्तावेजों और बैंक विवरण की जांच करते रहना जरूरी है।
निष्कर्ष
फरवरी 2026 में 14.2 किलो घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में स्थिरता ने आम उपभोक्ताओं को राहत दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता के बावजूद सरकार और तेल कंपनियों के संतुलित प्रयासों के कारण घरेलू रसोई का बजट फिलहाल सुरक्षित बना हुआ है। हालांकि भविष्य में वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार दरों में बदलाव संभव है, इसलिए उपभोक्ताओं को समय-समय पर आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेते रहना चाहिए।











