Bay Of Bengal Weather System: देश के मौसम में एक बार फिर परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। फरवरी के अंतिम सप्ताह में जहाँ एक ओर उत्तर भारत के कई राज्यों में सुबह की ठंड ने दोबारा दस्तक दी है, वहीं दोपहर के समय तेज धूप लोगों को गर्मी का एहसास करा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 से 24 फरवरी के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग प्रकार की मौसमी गतिविधियाँ देखने को मिलेंगी। कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जबकि उत्तर और पश्चिम भारत में मौसम अधिकतर शुष्क रहने की संभावना है।
उत्तर भारत में सुबह ठंड, दिन में बढ़ेगी गर्मी
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। इन ठंडी हवाओं के कारण सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अमृतसर, हिसार, मेरठ, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों में लोगों को सुबह हल्की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही आसमान साफ रहने से धूप तेज हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 6 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर जा सकता है। यानी सुबह और शाम ठंडक रहेगी, लेकिन दोपहर के समय गर्मी परेशान कर सकती है। मौसम का यह उतार-चढ़ाव सेहत पर भी असर डाल सकता है, इसलिए लोगों को बदलते तापमान के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
पश्चिमी और मध्य भारत में शुष्क मौसम का असर
गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। यहाँ दिन के समय उमस और गर्मी में वृद्धि हो सकती है। खासकर दोपहर के समय तेज धूप के कारण लोगों को असहजता महसूस हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में भी बादलों की हल्की आवाजाही संभव है, लेकिन बारिश की संभावना बहुत कम है।
मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। किसानों के लिए यह समय फसलों की निगरानी का है, क्योंकि तापमान में वृद्धि का असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम, दक्षिण भारत में बारिश के आसार
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय हुआ है। इस सिस्टम के प्रभाव से दक्षिण भारत के कई राज्यों में वर्षा की संभावना बन रही है। 22 फरवरी को कन्याकुमारी, कोचीन, मदुरई और कोयंबटूर जैसे इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।
इसके अलावा बेंगलुरु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा के संकेत हैं। तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत में हल्के बादल, भारी बारिश की संभावना कम
पूर्वी भारत के राज्यों—बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा—में अगले तीन दिनों तक हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि, यहाँ भारी बारिश की आशंका नहीं है। कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन अधिकांश जगहों पर मौसम सामान्य रहेगा।
कोलकाता और रांची जैसे शहरों में बादलों का आना-जाना जारी रह सकता है। तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जिससे दिन में गर्मी का एहसास बढ़ेगा। रात का तापमान अपेक्षाकृत सामान्य बना रह सकता है।
पूर्वोत्तर राज्यों में मिश्रित स्थिति
अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में छिटपुट बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, असम, मेघालय और नागालैंड जैसे अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम मुख्यतः साफ और शुष्क रहने का अनुमान है।
इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य स्तर पर बना रहेगा। पर्वतीय इलाकों में सुबह और शाम हल्की ठंड बनी रह सकती है, जबकि दिन में मौसम सुहावना रहेगा।
महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंतरिक हिस्सों में आंशिक बादल
महाराष्ट्र, तेलंगाना और मध्य भारत के कुछ आंतरिक हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन व्यापक वर्षा की संभावना कम है। इन क्षेत्रों में दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
शहरी क्षेत्रों में दोपहर के समय गर्मी का असर अधिक महसूस होगा। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम में हो रहे इस बदलाव का असर खेती और जनजीवन दोनों पर पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में तापमान बढ़ रहा है, वहाँ फसलों की सिंचाई और देखभाल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं जिन इलाकों में बारिश की संभावना है, वहाँ कटाई या अन्य कृषि कार्यों की योजना मौसम को ध्यान में रखकर बनानी चाहिए।
आम लोगों को भी सुबह और दोपहर के तापमान में अंतर को देखते हुए अपने पहनावे और दिनचर्या में बदलाव करना चाहिए। सुबह हल्के गर्म कपड़े उपयोगी रहेंगे, जबकि दोपहर में हल्के वस्त्र अधिक आरामदायक हो सकते हैं।
अगले तीन दिनों का समग्र अनुमान
22, 23 और 24 फरवरी के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मौसमीय स्थितियाँ बनी रहेंगी। उत्तर और पश्चिम भारत में शुष्क और साफ मौसम के साथ दिन में तापमान बढ़ेगा, जबकि दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण कई स्थानों पर बारिश देखने को मिल सकती है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में हल्के बादलों और सामान्य मौसम की स्थिति बनी रहेगी।
कुल मिलाकर, आने वाले तीन दिन मौसम के लिहाज से विविधता से भरे रहेंगे। कहीं ठंडी सुबह और गर्म दोपहर, तो कहीं बादल और हल्की बारिश का मिश्रण देखने को मिलेगा। ऐसे में सभी को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानियाँ अपनाने की जरूरत है।











