260-kmph-cyclone-changing-weather-impact-alert: हिंद महासागर के ऊपर बना शक्तिशाली चक्रवात “होरासियो” भले ही भारतीय तटों से काफी दूर सक्रिय हो, लेकिन उसकी तीव्रता ने पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के मौसम मिजाज को प्रभावित कर दिया है। लगभग 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा यह महातूफान सीधे भारत से टकराने की स्थिति में नहीं है, फिर भी इसके कारण समुद्री हवाओं की दिशा और दबाव तंत्र में बदलाव आया है। इसी प्रभाव से देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम असामान्य व्यवहार कर रहा है—कहीं तापमान तेजी से बढ़ रहा है तो कहीं बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए अलग-अलग श्रेणी के अलर्ट जारी किए हैं। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना है, जबकि पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और वर्षा का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तर भारत में गर्मी समय से पहले दस्तक देती दिखाई दे रही है।
उत्तर भारत में बढ़ती गर्मी का संकेत
दिल्ली-एनसीआर का हाल
राजधानी क्षेत्र में मौसम शुष्क बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी वर्षा की संभावना नहीं के बराबर है। दिन के समय तेज धूप निकलने से तापमान लगातार बढ़ रहा है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और त्योहारों के आसपास यह 34 डिग्री तक भी पहुंच सकता है। सुबह के समय हल्की धुंध या स्मॉग जैसी स्थिति बन सकती है, लेकिन दोपहर तक आसमान साफ रहेगा।
मार्च की शुरुआत में ही प्री-समर जैसी स्थिति महसूस होने लगी है। सामान्य से अधिक तापमान के कारण दोपहर के समय गर्म हवाओं का एहसास हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले एक सप्ताह में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि संभव है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क और अपेक्षाकृत गर्म बना रहेगा। पश्चिमी और मध्य भागों में तेज धूप दिन के तापमान को ऊपर ले जाएगी। हालांकि रात के समय हल्की ठंड बनी रह सकती है। राज्य में फिलहाल किसी भी प्रकार की वर्षा का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
दूसरी ओर उत्तराखंड का मौसम अलग रुख दिखा सकता है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की वर्षा और बर्फबारी की संभावना है। इससे पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर ठंड एक बार फिर बढ़ सकती है और तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर और पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। इससे शीतलहर जैसी स्थिति दोबारा बन सकती है और पर्वतीय सड़कों पर फिसलन बढ़ने का खतरा रहेगा।
पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
पूर्वी भारत में तापमान वृद्धि
बिहार और झारखंड
बिहार और झारखंड में फिलहाल मौसम स्थिर और शुष्क बना हुआ है। हालांकि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी संभव है। दोपहर के समय धूप तीखी रहेगी और गर्मी का असर बढ़ेगा।
सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है। किसानों के लिए यह समय फसल कटाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। फिलहाल वर्षा या आंधी का कोई विशेष पूर्वानुमान नहीं है।
पंजाब और हरियाणा में दोहरा प्रभाव
पंजाब और हरियाणा में मौसम की स्थिति मिश्रित रहेगी। दिन में तापमान बढ़ेगा, जबकि सुबह के समय घना कोहरा परेशानी खड़ी कर सकता है। कुछ क्षेत्रों में सुबह के समय दृश्यता कम रहने की संभावना है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।
दोपहर बाद मौसम साफ हो जाएगा और धूप के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। वाहन चालकों को सुबह के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पश्चिम और मध्य भारत में बढ़ती तपिश
राजस्थान और मध्य प्रदेश
राजस्थान और मध्य प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। पश्चिमी राजस्थान में हल्की गर्म हवाएं चलने की संभावना है, जिससे दोपहर के समय अधिक गर्मी महसूस हो सकती है। कई शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा सकता है।
रात के तापमान में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं दिखेगा, लेकिन आने वाले दिनों में उसमें भी वृद्धि संभव है। वर्षा की कोई संभावना नहीं होने के कारण गर्मी धीरे-धीरे अपने तेवर दिखाने लगेगी।
दक्षिण भारत में सक्रिय मौसम प्रणाली
केरल और तमिलनाडु
दक्षिण भारत में समुद्री नमी बढ़ने से मौसम अपेक्षाकृत सक्रिय बना हुआ है। केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई गई है। तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर अचानक तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
नमी अधिक रहने से उमस भरी गर्मी महसूस हो सकती है। मछुआरों को समुद्र में जाते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि समुद्री गतिविधियां अस्थिर बनी हुई हैं।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना
चक्रवातीय गतिविधियों के अप्रत्यक्ष प्रभाव के कारण आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग ने यहां एहतियातन अलर्ट जारी किया है ताकि लोग सतर्क रहें।
पूर्वोत्तर और द्वीपीय क्षेत्रों की स्थिति
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल सहित पूर्वोत्तर राज्यों में भी गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना बनी हुई है। समुद्री हवाओं की दिशा में बदलाव के कारण नमी बढ़ी है, जिससे बादल छाए रह सकते हैं और रुक-रुक कर बारिश हो सकती है।
बदलते मौसम के पीछे वैज्ञानिक कारण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार समुद्री चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ जैसे तंत्र जब एक साथ सक्रिय होते हैं, तो उनका संयुक्त प्रभाव मौसम को अस्थिर बना देता है। एक ओर समुद्र से आने वाली नम हवाएं वर्षा को बढ़ावा देती हैं, तो दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम भारत में साफ आसमान और शुष्क हवाएं तापमान को ऊपर ले जाती हैं।
आने वाले दिनों में भी मौसम में इसी प्रकार उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्षेत्र के अनुसार मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानी बरतें। बदलते मौसम के इस दौर में सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।











